कानपुर में बालू के बजरंग बली {ड्योढ़ी घाट हनुमान मंदिर}
भक्तों का कहना है कि सिर्फ बजरंग बली के दर्शन से चारपाई पर पड़ा आदमी भी ठीक हो जाता है....
 |
IndiaFightsCorona COVID-19 |
कानपुर...कानपुर सेंट्रल से 20किमी दूर महाराजपुर थाना के पास गंगा किनारे यह मंदिर बना हुआ है।इस मंदिर में बालू से बने बजरंग बली की मूर्ति हैं..लोगो का कहना है कि इनके दर्शन से सारे कास्ट दूर हो जाते हैं। यहां की मानता है..कि गंगा चाहे जितनी हो जाए लेकिन वह मंदिर की जीने तक ही आती है.. यहां गुरु पूर्णिमा के दिन मेला लगता है.. लोगो का मानता है कि जो गंगा में नहा के भगवान बजरंग बली से मांगे बजरंग भगवान बली आप की सारे कस्ट दूर कर देंगे.. यहां पे जतिल से जतिल रोग कास्ट दूर हो जाते हैं। मंदिर में एक दीपक सद्यो से जल रहा है। मानता है कि ये दीपक स्वामी सूर्यदाश जी ने जलाया था। तब से ये दीपक जल रहा है। मंदिर में प्रसाद में आम का फल चढ़ता है।गुरु पूर्णिमा को कल्याण सिंह आए थे..और उन सत्ता सुख मिला था.ड्योढ़ी घाट में बड़े बड़े..राजनेता..अभिनेता, देश विदेश से गुरु पूर्णिमा के दिन लोग आते हैं..ड्योढ़ी घाट मंदिर कानपुर का बहुत प्राचीन मंदिर है..
 |
| Earn money online |
लोगो का कहना है. कि 400 साल पहले सूर्यदाश जी आए थे..उनको दिखलाई नहीं देता था.. उन्होंने 3 साल की पूजा की उसके बाद गंगा की बालू से बजरंग बाली की मूर्ति बनाई..और लोगो के सहयोग से मूर्ति की स्थापना की..मंदिर के परिसर में एक डहरी बनाई..तब से मंदिर का नाम ड्योढ़ी घाट पड़ा गया..
यहां के गुरु ब्रह्मचारी होते हैं..जो बी गुरु का देहंत हो जाता है वो अपने सिस्य को वो गद्दी दे देता है.. यहां पर गुरु सिरफ फल का सीवन करते हैं..और दिन में एक बार बहार निकलते हैं.. बीमार पड़ जाते हैं तो अपना इलाज आयुर्वेद दवा से करते हैं.. यहां गुरु पूर्णिम को गुरु के पैर छू सकते हैं..और गुरु दर्शन के बाद वहा पर पुराने गुरु के खड़ाव के दर्शन भी कर सकते हैं .गुरु पूर्णिमा के दिन शबी भक्तो को प्रसाद मिला है..गुरु पूर्णिमा के अलावा आप किसी दिन भी गुरु की
पैर नहीं छू सकते हैं..
 |
| shoping |
यहां पर बहुत ज्यादा लोग गुरु पूर्णिमा को आते हैं.. लोगो का मानन1 है की गुरु पूर्णिमा के दिन जो भी मन्नत मन से मागो वो भगवान बजरंग बली आप की सारी मनोकामना पूरी कर देंगे.. यहां गुरु पूर्णिमा के दिन भगवान बजरंग बली का प्रसाद और भंडार1 चलता है..सबी भक्तो को प्रसाद दिया जाता है..उस दिन सारे गुरु जी के खड़ाव के दर्शन कर सकते हैं..इस मंदिर का स्थापना सूर्या स्वामीजी ने ,प्रकाश जी महाराज, उसके बाद प्रकाश जी थे, यहां गुरु पूर्णिमा के दिन आम चढ़ाया जाता है.. लोगो का मानना है कि यह चारपाई पे आया आदमी गुरु पूर्णिमा को ठीक हो जाता है। बहुत सारे लोग सालो से यहां दर्शन करने आ रहे हैं
 |
नोट:..अगर ब्लॉग में कोई गलती हुई हो तो माफ़ करे..ये मेरा दूसरा ब्लॉग हैहमारे ब्लॉग को जादा से जादा शेयर करे..अगर कानपुर के बारे में कोई मार्केट या मंदिर के बारे में जानकारी चाहे तो कमेंट बॉक्स में पूछ सकते हैं {We will tell about the temples, big markets, big parks, hotels, and cinema halls of Kanpur through our blog, and you will enjoy Kanpur wherever you are. You can read our blog in any language, it has Google Translate installed.}...धन्यवाद..
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें