- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
कानपुर में भी हैं माता वैष्णो देवी का मंदिर
पढ़िए अब तक की सभी खबरें
वैष्णो देवी मंदिर कानपुर {दामोदरनगर} में आप का स्वागत है। यह मंदिर जम्मू के मंदिर की तरह बनाया गया है। मंदिर में गुफा के अंदर जाने के बाद माता{ वैष्णो देवी के दर्शन} होते हैं। जो लोग किसाी कारण जम्मू वैष्णो देवी मंदिर के दर्शन को नहीं जा पाए ... वो लोग यहां के दर्शन कर सकते हैं . यह मंदिर उसी तरह से बनाया गया है। यह बहुत विशाल बनाया गया है। यहां की गुफा से होते हुए आप सारी देवी देवता के दर्शन गुफा में करते चले जाएंगे.. यहां की गुफा बहुत ही अच्छी बनाई गई है.कानपुर के वैष्णो देवी मंदिर की सबसे बड़ी खासियत है कि यहां 1000 हाथ वाली देवी माता की मूर्ति है.जो मंदिर में अलग दिखती है .जो बहुत ही सुंदर लगती हैं।ये मूर्ति माता वैष्णो देवी के मंदिर कानपुर में देखने को मिली हैं। यहां हर जगह बड़ी छोटी मूर्ति देखने को मिली है। यहां 1000 हाथ वाली माता मूर्ति {माता महिसासुर मर्दानी} की मूर्ति भी विराजमान हैं। जिसका दुर्गा सप्तसती में वर्णन किया गया है। यहां पर 1000 हाथ वाली देवी मां की विशेष मूर्ति के अलावा शभी पुराणों का सार भी यह मौजुद है। जो गरीब और शरीर से अपाहिज लोग वैष्णो माता के मंदिर नहीं जा सकते हैं आके उसी की तरह यहां आनंद प्र1प्त कर सकते हैं। जैसे जम्मू में मिलता है। यहां नौरात्रि में देश विदेश से लोग मन्नत मागने आते हैं। और वैष्णो माता अपने सारे भक्त: की मन्नत पूरी करते हैं। जय हो माता वैष्णो देवी की जय हो।
यहां भी क्लिक करे
सिद्ध श्री बालाजी महाराज मंदिर सलेमपुर रूमा का इतिहास
पनकी हनुमान मंदिर का इतिहास
यहां भी क्लिक करे
आनंदेश्वर मंदिर का इतिहास
ड्योढ़ी घाट हनुमान मंदिर का इतिहास
मस्कन घाट, नानाराव घाट,सती चौरा घाट का इतिहास
वैष्णो देवी कानपुर के मंदिर का इतिहास
वैष्णो देवी कानपुर के मंदिर का इतिहास: यह मंदिर उत्तर प्रदेश के कानपुर में बर्रा मोहल्ला के { दामोदर नगर } में बना हुआ है। मंदिर का निर्माण बुलंदशहर से आए माता के भक्त जयदेव सिंह राणा द्वारा सन् 2000 में दुर्गा मां से मांगी गई एक मन्नत पूरी होने पर करवाया गया था।
मंदिर की देखरेख में लगे छुन्ना के मुताबिक इसे बनवाने के पीछे जयदेव राणा को एक सपने में माता के आने को भी मुख्य कारण बताया जाता है। पूरे मंदिर में करीब 900 भगवान की मूर्तियां स्थापित हैं और यहां पर एक हजार हाथ वाली माता {महिसासुर मर्दानी }की मूर्ति भी विराजमान है। जिसका दुर्गा सप्तसती में वर्णन भी किया गया है।।मंदिर की मान्यता है कि मंदिर के मुख्यद्वार पर चुन्नी बांधकर तीन गांठ लगाकर छोड़ देने देवी मां सभी मुराद पूरी कर देती हैं। ..
यहां भी क्लिक करे
वैष्णो देवी कानपुर के मंदिर रास्ता
यह मंदिर कानपुर में है, {कानपुर सेंट्रल स्टेशन} से इसकी दूर 10 किमी हैं। यहाँ आप चाहे तो रिक्शा कर ले..य स्टेशन से टाटमिल चौराहा जाए। और वहा से वैष्णो देवी कानपुर मंदिर के साधना आराम से मिल जाते हैं..
नोट:..अगर ब्लॉग में कोई गलती हुई हो तो माफ़ करे...हमारे ब्लॉग को जादा से जादा शेयर करे और टिप्पणी करे ..अगर कानपुर के बारे में कोई मार्केट या मंदिर के बारे में जानकारी चाहे तो कमेंट बॉक्स में पूछ सकते हैं {We will tell about the temples, big markets, big parks, hotels, and cinema halls of Kanpur through our blog, and you will enjoy Kanpur wherever you are. You can read our blog in any language, it has Google Translate installed.}thankyou








टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें